Header Ads

किसान आंदोलन के बर्बरता पूर्वक दमन की कडी निंदा,किसान नेताओ को रिहा करने ,और उनकी मांग मानने की अपील. छत्तीसगढ़ पीयूसीसीएल

छत्तीसगढ़ में किसान आंदोलन को बर्बरता पूर्वक कुचलने ,लगभग पूरे  राज्य में धारा 144 लगाने , करीब 400 किसान नेताओ के अलोकतांत्रिक गिरफ्तारी और गांव गांव में किसानों को बाहर न निकलने के तानाशाही पूर्वक कार्यवाही की छत्तीसगढ़ पीयूसीएल तीव्र निंदा करता है और छत्तीसगढ़ सरकार से  मांग करते है कि तुरन्त किसानो को जेल रिहा किया जाए तथा  स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाये ,पांच साल जा बोनस  ,वास्तविक लागत मूल्य कर्ज़ माफी और जिन किसानो ने आत्महत्या की है उन्हें समुचित मुआवजा दिया जाए .

पिछले एक साल से छत्तीसगढ़ के किसान आंदोलनरत है ,इसके तहत ही 19 सितम्बर
 से  किसान संकल्प यात्रा  होंनी थी जो 21 को रायपुर पहुचती ,साथ ही मुख्यमंत्री के घेराव की घोषणा की थी .इससे घबराकर प्रशाशन दमन पर उतर आया और  राज्य के 7 जिलों में  धारा 144 लगा दी ,तीन चार दिन पहले से ही किसान नेताओं को  गिरफ्तार करना शरू कर दिया, गांव गांव मुनादी करवाई  गई कि कोई किसान  आंदोलन में रायपुर नही जाएगा.और तो और गांव के बाहर तथा मुख्य सड़कों पर बेरिकेट लगा  दिए गए ,बस स्टैंड रेलवे स्टेशन को घेर लिया गया जिससे  कि कोई किसान न चढ़ पाये ,सायकल स्टैंड को मोटर सायकल या सायकल 10 की ज्यादा  संख्या में रखने पर रोक लगा दी गईं .रायपुर में धरना स्थल को पुलिस छावनी में बदल दिया गया , जो भी जहाँ था उसे वही रोक दिया गया.यह सारी कार्यवाही अलोकतांत्रिक और तानाशाही का प्रतीक हैं .

किसान  नेताओ को गिरफ्तार करने के लिए क्राइम ब्रांच का स्तेमाल किया गया जो बेहद अपमानजनक तरीके से गम्भीर अपराधियो की तरह छापामार शैली में  पकड़ रहे  है,घरो पर पहरा बैठा दिया गया था ,घर से निकलते ही क्राइम ब्रांच की गाड़ी पीछा कर रही है.
राज्य जे 7 जिलों में आपातकाल की स्थिति निर्माण कर दी गई है.

अभी तक गिरफ्तार किए गये  नेताओ में पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रमुख आदिवासी नेता अरविंद नेताम ,समाजवादी नेता आनंद मिश्रा ,छसत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ला ,किसान महासंघ  के संकेत ठाकुर ,राजनांदगांव किसान संघ के प्रमुख नेता सुदेश टीकम,रमाकांत बंजारे, सीएमएम के नेता जनक लाल ठाकुर ,.  सीपीआई एम के राज्य सचिव संजय पराते , तेजराम विद्रोही ,महिला मंच की दुर्गा झा ,चन्दू साहू ,छन्नू साहू ,छत्तीसगढ़ पी यू सी एल के अध्यक्ष डॉ.लाखन सिंह आदि है.
छत्तीसगढ़ पीयूसीएल किसान आंदोलन में अपनी सहभागिता प्रगट करता हैं और सभी किसानों की रिहाई की मांग करता है,साथ ही सरकार की दमनपूर्वक कार्यवाही की निंदा करता है.

डॉ. लाखन सिंह
अध्यक्ष 

सुधा भारद्वाज 
महासचिव
Powered by Blogger.