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नक्सल उन्मूलन में नाम पर तैनात सुरक्षा बल के जवानो ने आदिवासी महिलाओं को बेहरमी से पीटा बच्चो को भी नहीं बख्शा


तामेश्वर सिन्हा 

बीजापुर(बस्तर)- बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में फिर एक बार नक्सल उन्मूलन के नाम पर तैनात सुरक्षा बल के जवान और पुलिस पर आदिवासी ग्रामीणों तथा महिला बच्चो के साथ मारपीट लुट की घटना सामने आई है खबर है कि बीजापुर जिले के गाँव सावनार,कोरचोली, तोड़का की महिलाओं ने सुरक्षा बल के जवानो और पुलिस पर बेरहमी के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट करने का आरोप लगाया है।

आज 22 दिसम्बर को कई सौ की संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचकर पीड़ित महिलाओं ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विक्रम मंडावी के साथ इस मामले में जिला प्राशासन से न्याय की गुहार लगाई है. महिलाओं का कहना है कि जब तक इस मामले में आरोपी जवानों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती तब तक वे अपने बच्चों के साथ जिला मुख्यालय में डटी रहेंगी।

न्याय की गुहार लगाने बीजापुर जिला मुख्यालय पहुंची महिलाओं ने बताया कि 21 दिसम्बर को 10 बजे पुलिस जवानो द्वारा ग्राम कोरोचोली, तोड्का,सावनार में आकर महिलाओं अथवा बच्चों को सुरक्षा बल के जवानो ने बर्बरता से पिटाई की पिटाई करने के बाद जोर जबरदस्ती की भी कौशिश की गई इस दौरान महिलाएं उन बांस के डंडों को भी साथ लेकर बीजापुर पहुंची थी, जिनसे जवानों द्वारा बेरहमी से उनकी पिटाई की गई। महिलाओं का कहना है कि जवानों की बेदम पिटाई से कई महिलाओं के हाथ-पांव समेत शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। इस मामले में कोरचोली से पहुंची मंगली पोटाम, लक्ष्मी पोटाम ने पत्रकारों को बताया कि गुरूवार सुबह सावनार के नजदीक खेतों में गोली चलने की आवाज सुनाई पड़ने पर गांव की महिलाएं खेतों की तरफ भागी। चूंकि गांव के पुरूश खेतों के आस-पास मिंजाई कर रहे थे, जबकि बच्चे मवेषी चराने गए हुए थे। गोली की आवाज सुनकर महिलाएं डर गई थी। अनहोनी की आषंका से महिलाएं खेतों की तरफ दौड़ी-दौड़ी जा रही थी। कोरचोली और तोड़का गांव की महिलाएं भी खेतों की ओर आ रही थी। इसी दौरान एक स्थान पर सुरक्षा बल के कुछ जवानों ने उनका रास्ता रोक लिया। चार जवान जो नशे की हालत में थे, सबसे पहले उन्होंने महिलाओं से दुव्र्यवहार शुरू किया। उन्हें एक स्थान पर एकत्रित कर नक्सलियों के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी और थोड़ी देर बाद डंडे-बांस से पिटना शुरू कर दिया। महिलाओं ने इसका विरोध किया तो जवान और भी उग्र हो गए। बेरहम जवानों ने बच्चों को भी नहीं बख्षा। कोरचोली की सुक्की ने बताया कि मारपीट मे उसकी छह साल की बच्ची लहूलुहान हो गई है। महिलाओं ने दावा किया है कि मारपीट करने वाले कुछ जवानों को चेहरे से पहचानती है। उनमें एक पूर्व एसपीओ भी शामिल है, जो गंगालूर इलाके का स्थानीय निवासी है।

आप को बता दे कि गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली में गुरूवार को एक वर्दीधारी माओवादी को ढेर करने के बाद इलाके में सर्चिंग के लिए सुरक्षा बलों का दल निकला था जिला मुख्यालय पहुंची महिलाओं ने बताया कि पहले जवान छिनक शराब पिया फिर उनके द्वारा उत्पात मचाया गया नशे की हालत में ही महिलाओं को लाठी और डंडों से बेदम पिटाई की।
वही इस मामले में बीजापुर एसपी एमआर अहिरे ने पूरे घटनाक्रम की निश्पक्ष जांच कराने की बात कही है।



आप को बता दे कि बीजापुर जिले में ही वर्ष 2015 अक्तूबर महीने में सुरक्षाबलों पर बलात्कार, लूटपाट का आरोप लगा था आदिवासी महिलाओं का आरोप था कि जवानों ने उनके घरों से पुरुष सदस्यों को बलपूर्वक निकाला और महिलाओं के साथ बलात्कार किया. बड़ागुड़ा थाना के चिन्नागेलूर, पेदागेलूर, गोदेम और भूर्गीचेरु समेत कई गांवों में सीआरपीएफ और पुलिस के कुछ जवानों ने माओवादियों की तलाशी के नाम पर उनके घरों में घुसकर लूटपाट की घटना सामने आई थी बरहाल इस मामले में अब तक जाँच लंबित है
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आदिवासी नेत्री सोनी सोढ़ी कहती है कि नक्सलवाद को असल एक बहाना है दरसल नक्सलवाद के नाम पर उधोगपतियो को बस्तर की जमीन बेचना असल मकसद है जिसके चलते ही आदिवासियों को खदेड़ने के लिए उनके साथ अन्याय किया जाता है उन्हें मारा पीटा जाता है. 

न्याय नहीं मिला तो होगा उग्र आंदोलनः मंडावी
इस मामले में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विक्रम मंडावी ने पीड़ित महिलाओं के साथ प्रेसवार्ता के दौरान कहा है कि अगर इस पूरे मामले में पीड़ितों को षासन-प्रषासन की ओर से अगर कोई न्याय नहीं मिलता है तो न्याय दिलाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले उग्र आंदोलन किया जाएगा। साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी की एक टीम षीघ्र ही प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात करेगी और जवानों द्वारा बरपाए कहर की रिपोर्ट को हाईकमान को सौंपा जाएगा। वही श्री मंडावी ने यह आरोप लगाया है कि भाजपा के इस राज में पुलिस और अधिकार अपना आतंक मचा रहे हैं, जिसके चलते ग्रामीण ही नहीं बल्कि कोई भी व्यक्ति राज्य में सुरक्षित नहीं है।

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