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याया (मां) के प्रति प्यार दुलार भरी एक कविता- उमेन्द्र होड़ी

मै याया के कोख से जन्मा एक बेटा हूं।
मै याया को जन्म से अब तक जानता हूं।

मै याया को जन्म से अब तक मानता हूं।
मेरे लिए जीवन दायिनी है याया।

प्यार से बढ़कर है मेरा याया।
मेरे हर सुख दुख में साथ देती है याया।

मेरे दुख में दुख साथ देती है याया।
मेरे दुख के खातिर रात भर जागती है याया।

बेटा गुस्सा होने पर गुस्सा नहीं होती याया।
मेरे को खिला-पिला के मेरी याया कभी भूखे पेट भी नहीं सोयी है।

मेरे लिए जीवन का अनमोल उपहार है याया।
सबकी है ‌याया अनमोल है याया।‌धरती है याया।

मै याया को कैसे भूल जाऊं याया।

✍उमेन्द्र शोरी[होड़ी]
आदिवासी युवा प्रभाग सरोना[कांकेर]

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